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कहीं डिप्रेशन तो नहीं है बार-बार मूड ऑफ होना?

हम सभी का मूड कभी न कभी तो जरुर खराब हुआ होगा. मूड खराब होने के कई कारण हो सकते है. कभी किसी से झगडा हो जाना, बहस होने पर, किसी बुरी घटना का घटित होना, वांछित वस्तु की प्राप्ति न होना इत्यादी कई ऐसे मेटर है जो हमारे मूड पर विपरीत प्रभाव डालते है.

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मूड खराब होना एक सामान्य बात है परन्तु इतनी भी सामान्य नही की दुनिया से कट जाये. अगर ऐसा है और मूड खराब होने से व्यक्ति अलग अलग सा रहने लगे या उदासी के आगोश में चला जाये और उसे अकेलापन सुहाने लगे तो समझ जाये या कोई सामान्य बात नही है. इस पल व्यक्ति की सारी रुचियाँ समाप्त हो जाती है और उसका मन किसी काम में नही लगेगा. यह एक गंभीर स्तिथि है जिसे डिप्रेशन या हिंदी में अवसाद कहा जाता है.

अवसाद इतना बढ़ सकता है की नियमित काम तक ठप हो जाते है जैसे- ऑफिस जाना, घर के काम करना, नहाने-धोने, बातचीत करना, टीवी देखना, मनोरंजन करना, परिवार के साथ समय बिताना आदि की ही ऊर्जा नहीं बची है। तो जान ले अवसाद/डिप्रेशन है।

डिप्रेशन के लक्षण

  • एकाग्रता में कमी,
  • हीन भावना
  • ग्लानि
  • स्वयं को दोषी समझना
  • रोना
  • निर्णय लेने की क्षमता का समाप्त जाना
  • वजन बढ़ना या घटना
  • भूख न लगना
  • बिना ठोस कारण चिंता करना
  • जीवन जीने की
  • आशा का समाप्त हो जाना
  • आत्महत्या करने की मन में आना
  • उल्टा सोचना
  • थकान और आलस्य

तो
आज हमने जाना की बार बार मूड का ऑफ या खराब होना डिप्रेशन/अवसाद का सूचक हो सकता है. इसे नजर अंदाज न करे और तुरंत विशेषज्ञ की राय ले.

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