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15वा भारतीय स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन | Indian health summit

“सरकार अपने नागरिकों के स्वास्थ्य और उनकी भलाई का सर्वोच्च स्तर हासिल करने और सभी के लिए स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।” स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं पर आयोजित एक प्रमुख वार्षिक कार्यक्रम 15वें भारतीय स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन को आज नई दिल्ली में संबोधित करते हुए यह बात कही। इस वर्ष शिखर सम्मेलन का विषय है ‘भारतीय स्वास्थ्य सेवाएं – बदलते प्रतिमान’ समारोह में श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने ‘स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए नई व्यवस्था’ विषय पर एक रिपोर्ट भी जारी की।

श्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च नीतिगत पहलों में से एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 जारी करना थी जिसे 15 वर्ष के अंतराल के बाद जारी किया गया जिसने सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का मार्ग प्रशस्त किया और बीमा कंपनियों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं पर हुए खर्च की अदायगी नहीं करने के मामलों में कमी आई है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्ष में प्राप्त अन्य नीतिगत पहलों में मानसिक स्वास्थ्य सेवा कानून, 2017 और एचआईवी/एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) कानून, 2017 एमसीआई अध्यादेश शामिल हैं।

मंत्रालय की अन्य उपलब्धियों को उजागर करते हुए श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि सरकार की नई योजनाओं और कार्यक्रमों ने देश के स्वास्थ्य संबंधी बदलते परिदृश्य में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि मिशन इन्द्रधनुष के उत्साहवर्धक नतीजे निकले हैं जिसने हमें 2018 तक देश में 90 प्रतिशत पूर्ण टीकाकरण दर लाने का लक्ष्य दिया है, जो निर्धारित लक्ष्य 2020 से काफी पहले है। उन्होंने कहा कि भारत के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में पांच नए टीकों को शामिल किया गया है जिसके साथ ही इनकी संख्या 12 हो गई है। श्रीमती पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम पीपीपी मोड में जिला अस्पतालों में गरीबों को मुफ्त डायलिसिस सेवाएं प्रदान कर रहा है और अमृत फॉरमेशियां दवाएं और कैंसर मरीजों और दिल की बीमारियों से ग्रासित लोगों के लिए रोपित किए जाने वाले उपकरणों पर वर्तमान बाजार दरों की तुलना में 60 से 90 प्रतिशत छूट दी है।

आयुष्मान भारत के संबंध में श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 को पूरा करने की दिशा में एक कदम है और अपने दो स्तंभो के जरिए इसने देखरेख के दृष्टिकोण की निरंतरता को अपनाया है। पहले स्तंभ स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती केन्द्र का उद्देश्य लोगों के घरों में स्वास्थ्य सेवाएं लाना है और इसके अंतर्गत देश भर में 1.5 लाख उपकेन्द्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती केन्द्रों में बदला जाएगा।

श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि दूसरा स्तंभ आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) है जो अस्पताल में इलाज के लिए 10 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने के लिए प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान करेगी। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक समग्र पहल है जिसका उद्देश्य गरीबों को वित्तीय जोखिम संरक्षण के साथ स्वास्थ्य सेवा के प्राथमिक सेकेंडरी और तीसरी श्रेणी के पहलुओं को शामिल करते हुए बिखरी हुई और असमान वर्तमान स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को स्थिर कर निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत को 2022 तक नए भारत के निर्माण के लिए अभूतपूर्व तरीके से लागू किया जा रहा है और इससे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में जबरदस्त बदलाव आएगा। स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में इस तरह के समग्र दृष्टिकोण से सभी के लिए स्वास्थ्य के उद्देश्य को हासिल किया जा सकेगा।


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