Home - शारीरिक स्वास्थ्य - अचानक कार्डिएक अटैक या हार्ट अटैक (हृदय रोग) आने पर क्या करें
Heart attack e1510396345462 600x330 - अचानक कार्डिएक अटैक या हार्ट अटैक (हृदय रोग) आने  पर क्या करें

अचानक कार्डिएक अटैक या हार्ट अटैक (हृदय रोग) आने पर क्या करें

40 साल से अधिक साल के वयस्कों में अचानक आने वाले कार्डिएक अटैक मौत होना एक मुख्य कारण हैं. हालांकि, प्राथमिक उपचार के (CPR & AED) के उपयोग की वजह से जान बचायी जा सकती है और  जीवित रहने की दर में 38% की वृद्धि हुई है. कार्डिएक अटैक को जाने ताकि आप समझ सकें कि आपातकाल में क्या करना है…

Heart attack 1024x576 - अचानक कार्डिएक अटैक या हार्ट अटैक (हृदय रोग) आने  पर क्या करें

 

भाग A : कार्डिएक अटैक का पता लगाना (IDENTIFICATION OF HEART ATTACK/ CARDIAC ARREST)

 

चरण 1 अचानक होने वाली बेहोशी (UNCONSIOUSNESS) का पता लगाना

जिसने अभी तक कार्डिएक अटैक का अनुभव किया है वह चेतना खो सकता है और बेहोश होकर जमीन पर गिर सकता है. यदि आपको लग रहा है की उसे बेहोशी और चक्कर आ रहे है हैं, तो जल्दी से उस व्यक्ति के नजदीक जाएं.

चरण 2 नाडी (PULSE) चेक करे

नाड़ी (PULSE) की जांच करें अगर किसी ने अचानक कार्डिएक अटैक का अनुभव किया है, तो उस व्यक्ति की PULSE महसूस नही होगी. पल्स देखने के व्यक्ति के रेडियल या कैरोटिड पल्स की जांच करें. रेडियल पल्स कलाई प अंगूठे के पास तथा कैरोटिड पल्स गर्दन के दोनों तरफ जबड़े के नीचे में स्तिथ होती है.

चरण 3 श्वास (BREATHING) चेक करे

एक व्यक्ति जो अचानक कार्डिएक अटैक का अनुभव करता है,  वह श्वास नहीं ले पाता है . व्यक्ति साँस ले रहा है या नहीं, यह जानने के लिए पहले व्यक्ति को देखो,  श्वास को सुनो और महसूस करने का कोशिश करे. यह भी पता करे कि क्या व्यक्ति को ऑक्सीजन मिल रही है या नहीं. ध्यान रखें कि इस समय यह सबसे महत्वपूर्ण है क्योकि ऑक्सीजन के बिना व्यक्ति मस्तिष्क को क्षति होने का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है.

व्यक्ति के सीने पर अपने हाथ, हथेलियों को नीचे रखें. फिर, यह देखने के लिए जांचें कि क्या आपको छाती के उदय और गिरावट को महसूस किया जा सकता है या साँस लेने का संकेत मिलता है. एक वैकल्पिक तरीका है कि व्यक्ति के मुंह के करीब अपना कान लगाकर साँस लेने के लिए सुनें.

चरण 4 सतर्कता को (ALERT) चेक करे

एक व्यक्ति जिसकी अचानक हृदय की आशंका हुई थी,  वह सतर्क नहीं होगा. इसका मतलब यह है कि यदि आप किसी व्यक्ति को कुछ भी कहते हैं,  तो वह कोई ऐसे व्यवहार करेगा जैसे या उसने आपको सुना है. आपको लगेगा जैसे आपको पहचान नही रहा है या अनसुना कर रहा है.

 

क्या आप मुझे सुन सकते हैं?

अपनी आँखें खोलो!

तुम्हारा नाम क्या है?

मेरे हाथ को दबाएं (धीरे ​​से अपनी हथेली पर अपना हाथ रखो)

इत्यादी सवाल करके व्यक्ति के सतर्कता स्तर की जाँच की जा सकती है.

 

भाग B : जीवनप्रबंधन करना (LIFE SAVING & MANAGEMENT)

 

  1. इमरजेंसी कॉल सेंटर 108 / 911 पर कॉल करने के लिए पास मौजूद किसी को कहे या आप स्वयं ही फोन करें. आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए कार्डिक अटैक वाले व्यक्ति को अस्पताल ले जाना. क्योंकि कार्डिक अटैक में बीमारी का सामना करने के लिए तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता पड़ती है और उसे जीवित रहने की अच्छी संभावनाओं के लिए मेडिकल सहायता और ऑक्सीजन की तुरंत आवश्यकता पड़ती है.
  2. इमरजेंसी कॉल सेंटर 108 / 911 पर कॉल करने के लिए किसी के लिए चिल्लाओ मत करो. यदि अन्य लोगों के आसपास है, तो एक व्यक्ति का चयन करें, उसे आंखों में देखें और आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करने के लिए कहें. कुछ कहो, “आप, लाल शर्ट में आदमी, 108 / 911 पर कॉल करें!
  3. आसपास AED (cardiac defibrillator) का पता लगाएँ, यदि आपके आसपास कहीं एक सार्वजनिक AED (cardiac defibrillator) हो तो किसी को इसे ढूँढ़ने और उसे लाने के लिए कहें  तथा तुरंत उपयोग करें एक अन्य व्यक्ति से AED HEART RATE का विश्लेषण करवाये.
  4. श्वास और एक पल्स को जांचें तथा सीपीआर (CPR) शुरू करे.
  5. इसके बाद तुरंत कार्डिएक अटैक वाले व्यक्ति को हॉस्पिटल में भर्ती करवाएं.

 

हार्ट अटैक होने के लक्षण (SYMPTOMS OF HEART ATTACK/CARDIAC ARREST)

  • सीने में दर्द का अनुभव
  • लम्बे समय तक सर्दी या जुकाम होना
  • शरीर के कुछ हिस्सों में सुजन
  • होठो का नीला पड़ना
  • चक्कर आना
  • साँस लेने में तकलीफ का अनुभव
  • बिना किसी कारण पसीना आना और ठण्ड लगना
  • थकान होना
  • उलटी जैसा होना या जी मिचलना
  • बैचनी का अनुभव

हार्ट अटैक होने की वजह (CAUSES OF HEART ATTACK)

  • सामान्यता, अधिक उम्र के लोगो में हार्ट अटैक होना सामान्य बात है
  • धुम्रपान की लत
  • मधुमेह या डायबिटीज रोग की मोजुदगी (DIABITIES)
  • हाई ब्लड प्रेशर (HYPER TENSION/ HIGH BP)
  • मोटे और अधिक वजन के व्यक्ति (लिपिड स्तर जिनका अधिक होता है)
  • किडनी की लम्बी बीमारी
  • ज्यादा मात्रा में शराब और एल्कोहोल पीने वाले लोग
  • कम या न के बराबर व्यायाम

Check Also

Rohit Sharma Fitness Secret

क्या है रोहित शर्मा की फिटनेस का राज | Rohit Sharma Fitness Secret

Rohit Sharma Fitness Secret Rohit Sharma Fitness Secret : रोहित शर्मा एक भारतीय क्रिकेटर है, …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

UA-110862200-1