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BADHAZMI KA UPCHAR

बदहजमी यानी ACUTE GASTRITIS को कैसे दूर करें | BADHAZMI KA UPCHAR

BADHAZMI KA UPCHAR

BADHAZMI KA UPCHAR बदहजमी पेट की एक ऐसी बीमारी है जो कभी न कभी सभी को होती रहती है. इसे मेडिकल भाषा में एक्यूट  गैस्ट्राइटिस और सामान्य बोलचाल की भाषा में बदहजमी कहा जाता है. बदहजमी को आसान भाषा में अपच या खट्टी डकार आना भी कहते हैं.

क्यों होता है यह रोग

इस रोग होने के कई कारण सामने आये है:

शारीरिक कारण:

बासी खाना खाने से, ठीक तरीके से पेट साफ / मलत्याग न होने के कारण, गरम और तेज मसालेदार भोजन के सेवन से, असमय भोजन करने से, पहले किये भोजन के पचने से पूर्व ही अन्य भोजन करने से, शराब का सेवन और धूमपान करने से, चाय / कॉफ़ी का अत्यधिक सेवन करने से, दिन में सोना / रात में जागना

मानसिक कारण:

क्रोध, ईष्या, भय, लोभ, दीनता, चिंता, उद्देग

बदहजमी के सामान्य लक्षण

पेट और शरीर में भारीपन

आँखों एवं गालों पर सुजन

डकारे आना

प्यास लगना

पसीना अधिक आना

कब्ज

पेट दर्द

अफरा

अपानवायु का रुकना

शरीर का जकड जाना

भोजन की इच्छा न होना

उल्टिया होना

मुहं से लार गिरना

बेहोशी छाना

बदहजमी का उपचार कैसे करे 

गरम पानी में नमक मिलकर रोगी को पिलाये जिससे उलटी होगी, बाद में 2-3 दिन तक लंघन कराये, इस दौरान सौंठ युक्त गरम पानी पिने को दे, इससे पाचन क्षमता बढ़ेगी.

दिन में चार बार गरम पानी पिए.

सौंठ और सौफ दोनों को सामान मात्रा में लेके कूटकर छान ले और बराबर मात्रा में मिश्री मिलकर सेवन करे.

सेंधानमक, सौंठ, हिंग, पीपर और काली मिर्च, सबको समान मात्रा में लेकर पानी के साथ पीसकर लेप बनाये. इस लेप का पेट पर बार-बार लेप करने से पेटदर्द में राहत मिलेगी.

नारंगी, निम्बू और अनार का सेवन राहत देगा.

बड़ी इलायची का पाउडर और मिश्री मिलकर 3-3 ग्राम की मात्रा लेकर सेवन करने से फायदा मिलेगा.


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